Wednesday, November 6, 2013

हवाई जहाज की उडानों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनी साइकिल

अमौसी से निकली साइकिल सम्मान यात्रा लखनऊ। हवाई जहाजों की उडानों के बीच अमौसी हवाई अड्डे इलाके में आज साइकिल अचानक सबके आकर्षण का केन्द्र बन गई लेकिन यह साइकिल न तो बेहद कीमती व अलग किस्म की थी और न ही सात समुंदर पार से यहां लाई गई थी। यह पुराने स्टाइल की एक शुद्ध देशी साइकिल थी लेकिन उसमें बंधी तख्तियों में जो बेसकीमती नारे और टिप्स लिखे थे, वे सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे थे। सडक के किनारे वाहन का इंतजार कर रहे लोगों की आंखें भी उस पर टिंकी थीं और गाडियों से गुजरते लोगों की भी। बाइक और कार के इस दौर में जब लोग साइकिल को भूल से गये हैं, वह लोगों की दिनचर्या से दूर हो गई है, किसी ने पूछा कि ये साइकिल सम्मान यात्रा क्या है, क्या साइकिल का प्रचार है। यात्रा पर निकले उत्तम प्रदेश बनाओ मंच के प्रमुख तारा पाटकर ने बताया कि हां, साइकिल पर विलुप्त होने का खतरा मंडराने लगा है, इसलिए लोगों को साइकिल की उपयोगिताएं याद दिलाई जा रही हैं। अगर आप साइकिल को सम्मान देंगे तो पर्यावरण को सम्मान देंगे और आपको भी सम्मान मिलेगा। प्रदूषण कम होगा, लोगों का स्वास्थ्य सुधरेगा तभी उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनेगा। राजधानी की सडकों पर पिछले पांच दिन से चल रही साइकिल सम्मान यात्रा आज दोपहर करीब 11.45 बजे अमौसी से शुरू हुई। अभी तक तारा पाटकर अकेले ही यात्रा कर रहे थे लेकिन आज उनके साथ एक पर्यावरण मित्र नंदराम सिंह यादव भी चल रहे थे। अमौसी मोड पर चाय की दुकान में चाय की चुस्कियां ले रहे आरएस चौधरी ने पूछा कि साइकिल चलाइये, सडकों से जाम भगाइये, ये तो समझ में आता है लेकिन साइकिल चलाइये, दौलत कमाइये, ये बात समझ में नहीं आई। पाटकर ने बताया कि मोटरसाइकिल, कार आदि चलाने से औसतन एक से तीन हजार रूपये तक लोग डीजल, पेट्रोल, सीएनजी आदि पर खर्च करते हैं। अगर छोटी दूरी तय करने में साइकिल का इस्तेमाल किया जायेगा तो कम से कम एक हजार रूपये तक की मासिक बचत होगी। अगर हम सेहत बनाने जिम जाते हैं तो वहां भी हजार-पांच सौ तो देने ही होंगे। इस तरह हर महीने करीब दो हजार, एक साल में 24 हजार रूपये की बचत होगी जिस धनराशि को हम किसी और जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। तारा पाटकर ने बताया कि लोग तनाव, डायबिटीज आदि को दूर करने के लिए तमाम दवाएं नियमित रूप से खाते हैं। अगर वे रोज एक घंटे साइकिल चलाएगें तो उनका मानसिक तनाव गायब हो जायेगा और डायबिटीज आदि भी नियंत्रण में रहेगी। दवाओं पर खर्च होने वाला हजारों रूपये भी बचेगा। अमौसी से चलने के बाद सम्मान यात्रा वाली ये साइकिल सरोजनीनगर, कृष्णानगर, आलमबाग, चारबाग, हुसैनगंज से लेकर विधानभवन तक लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी रही। रास्ते में बहुत से लोगों ने साइकिल सम्मान यात्रा की तारीफ करते हुए यह कहा कि वाकई जिस तरह से शहरों में बेइंतहाशा बढ गयी कारों, आटो, बसें व मोटरसाइकिलों से रोज जाम भयानक समस्या बनता जा रहा हैं, प्रदूषण सबको रूला रहा है, साइकिल से चलना ही एकमात्र समाधान बचा है। साइकिल की मदद से ही हम पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपट सकते हैं। कल साइकिल सम्मान यात्रा पीजीआई से शुरू होगी और विधानभवन तक आयेगी।

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