मुख्यमंत्री से की “साइकिल डे” घोषित करने की मांग
लखनऊ। उत्तम प्रदेश बनाओ मंच ने आज चिनहट से विधानभवन तक साइकिल सम्मान यात्रा निकाली और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सप्ताह में एक दिन “साइकिल डे” घोषित करने की मांग की। मंच के अध्यक्ष तारा पाटकर ने कहा कि साइकिल की सवारी से ही उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाया जा सकता है। साइकिल चलाने से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और पर्यावरण भी प्रदूषणमुक्त रहेगा। सडकों को जाम से मुक्ति मिलेगी। साथ ही हर महीने डीजल, पेट्रोल पर खर्च होने वाले करोडों रूपये भी बचेंगे। कुल मिलाकर साइकिल के सम्मान से तमाम तरह की परेशानियों से प्रदेश वासियों को राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सप्ताह में एक दिन स्वयं साइकिल से दफ्तर जाना चाहिए और अपने सभी मंत्रियों व अफसरों को कार के बजाय साइकिल से आने के लिए निर्देश देना चाहिए। इससे आम जनता भी ऐसा करने के लिए प्रेरित होगी। राजधानी लखनऊ में एक दिन ऐसा भी होना चाहिए जब सडकों पर कोई वाहन ही न दिखें। सिर्फ साइकिल और रिक्शे ही चलें। रिक्शे उनके लिए जो साइकिल से चलने में असमर्थ हैं। साइकिल के माध्यम से हम पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।
पाटकर ने कहा कि सडकों पर साइकिलों की संख्या दिन प्रति दिन घटती जा रही है। कार व बाइक की संख्या ज्यादा हो गई है। लोग घर के छोटे-छोटे काम निपटाने के लिए चंद कदम जाने में भी मोटर गाडियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे दुर्घटनाओं में भी भारी इजाफा हो रहा है। जिसे रोकने के लिए अब साइकिल का प्रयोग बहुत अनिवार्य हो गया है।
भारी ट्रैफिक व शोर-शराबे के बीच यात्रा चिनहट से पूर्वान्ह 11 बजे शुरू हुई और इंदिरानगर, निशातगंज, सिकंदरबाग, अशोक मार्ग, हजरतगंज होते हुए विधानभवन की परिक्रमा करने के बाद लगभग 12 बजे दारूलशफा पहुंचकर खत्म हुई। साइकिल यात्रा के दौरान सडकों पर तमाम लोग बार-बार अपने वाहन धीमा करके उत्सुकता से यात्रा का सबब जानने की कोशिश कर रहे थे। कल शुक्रवार को साइकिल सम्मान यात्रा पूर्व निर्धारित समय 11 बजे कुकरैल पिकनिक स्पाट चैराहे से शुरू होगी और विधानभवन तक चलेगी। शनिवार को इंजीनियरिंग कालेज चैराहे से, रविवार को दुबग्गा से, सोमवार को अमौसी से, मंगलवार को, एसजीपीजीआई से, बुधवार को अंबेडकर पार्क, गोमतीनगर और गुरूवार को हाईकोर्ट से शुरू होकर विधानभवन पर आकर संपन्न होगी।
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