Wednesday, November 6, 2013
रास्ते में मिली हजार बाइक, साइकिलें सौ भी न दिखीं
लखनऊ। राजधानी के सभी कोनों से चलकर हर दिन विधानभवन तक आने वाली साइकिल सम्मान यात्रा 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचकर समाप्त होगी। वहां पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक ज्ञापन सौंपा जायेगा और उत्तर प्रदेश में साइकिल के सम्मान को फिर से बहाल कराने की मांग की जायेगी। यात्रा उत्तम प्रदेश बनाओ मंच के बैनर तले 24 अक्टूबर को चिनहट तिराहे से प्रारंभ हुई थी।
मंच के अध्यक्ष तारा पाटकर ने बताया कि साइकिल सम्मान यात्रा का आज छठवां दिन था और करीब 11.30 बजे संजय गांधी पीजीआई से यात्रा आरंभ की गई। आज की यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि रास्ते में मिलने वाले साइकिल व बाइक सवारों की गिनती की गई। पीजीआई से लेकर हजरतगंज तक एक हजार से अधिक बाइक मिली लेकिन साइकिल सवार सौ का आंकडा भी नहीं छू पाये। सिर्फ 92 साइकिलें मिलीं। जहां तक कारों की बात थी तो उनकी संख्या भी 300 से ऊपर रही। पाटकर बताते हैं कि इस संबंध में जब लखनऊ साइकिल व्यापारी एसोसिएशन के महामंत्री नवीन अरोडा से पूछा गया था तो उनका कहना था कि राजधानी की साइकिल दुकानों में इस वक्त 90 फीसदी बच्चों की साइकिलें बिकती हैं, उन्हीं से हमारी रोजी रोटी चल रही है। वरना साइकिल की दुकानें बंद हो जायें। सडक किनारे बैठे साइकिल पंचर जोडने वालों ने भी बदहाली के चलते अब धंधा बदल दिया है। लखनऊ की आबादी जब 10 लाख भी नहीं थी तब हर दिन औसतन 300 साइकिलें बिकती थी और जब आबादी 40 लाख हो गई है तो 100 साइकिलें बेचना भी मुश्किल हो गया है।
पाटकर बताते हैं कि सबसे बडी विडम्बना ये है कि साइकिल बेचने वाले स्वयं भी अब साइकिल से चलना पसंद नहीं करते। वे भी अपनी दुकान बाइक या कार से आते हैं। यात्रा के दौरान तेलीबाग में शनि मंदिर के पास कुछ लोगों ने हमसे पूछा कि क्या आप रोज साइकिल चलाते हैं तो हमने कहा कि हां, अगर पांच किलोमीटर तक किसी काम से जाना है तो हम साइकिल का ही इस्तेमाल करते हैं। घर से सब्जी लेने या अन्य काम करने के लिए बाइक या कार का इस्तेमाल न करने का हम संकल्प ले चुके हैं। अगर लोग इतना ही करना शुरू कर दें तो सडकों को काफी राहत मिल जायेगी। जिन लोगों के दफ्तर या दुकानें घर से तीन किलोमीटर की दूरी में हैं, वे साइकिल से जायें तो सडकों पर जाम भी काम लगेगा, डीजल, पेट्रोल भी बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा। राजधानी में बढते प्रदूषण पर काफी लगाम लगाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान लोग सम्मान यात्रा को काफी सराह रहे हैं। बहुत से लोग तो तुरंत साइकिल चलाने का संकल्प भी ले रहे हैं। हम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात में यही आग्रह करेंगे कि वे जिस तरह चुनाव पूर्व साइकिल को वरीयता देते थे, फिर से वरीयता दें, अपने मंत्रियों, अफसरों को निर्देश दें। साइकिल यात्रा में पिछले दो दिन से पर्यावरण प्रेमी नंदराम सिंह यादव भी पूरा साथ दे रहे हैं।
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